
मध्य प्रदेश में शिक्षक पात्रता (भर्ती) (MP TET) परीक्षा की योजना एवं पाठ्यक्रम- माध्यमिक शिक्षक (विषय शिक्षक) / TGT
- सभी प्रश्न अनिवार्य होंगे।
- पात्रता परीक्षा हेतु 150 अंकों का एक प्रश्नपत्र होगा। परीक्षा की अवधि 2:30 घंटे होगी।
- पात्रता परीक्षा के सभी प्रश्न बहुविकल्पीय (MCQ) प्रकार के होंगे, जिनके चार विकल्प होंगे और एक विकल्प सही होगा।
- प्रत्येक प्रश्न 1 अंक का होगा। ऋणात्मक मूल्यांकन होगा। प्रति 4 प्रश्नों के गलत उत्तर पर 1 अंक काटा जाएगा।
- प्रश्नपत्र के दो भाग होंगे— भाग अ एवं भाग ब। भाग अ सभी के लिए अनिवार्य होगा, जबकि भाग ब के अंतर्गत शामिल विषयों में से किसी एक विषय का चयन करना होगा।
- भाग अ के 4 खंड होंगे जिनमें अंकों का अधिभार निम्नानुसार होगा:
भाग अ की परीक्षा योजना व् विषय वस्तु MP TET
| भाग | विषयवस्तु | प्रश्नों की संख्या | कुल अंक |
|---|---|---|---|
| (i) | सामान्य हिन्दी | 08 MCQ | 08 Marks |
| (ii) | सामान्य अंग्रेजी | 05 MCQ | 05 Marks |
| (iii) | सामान्य ज्ञान व समसामयिक घटनाक्रम, तार्किक एवं आंकिक योग्यता | 07 MCQ | 07 Marks |
| (iv) | शिक्षाशास्त्र (Pedagogy) | 10 MCQ | 10 Marks |
| कुल | 30 MCQ | 30 Marks |
- भाग ब— 120 अंक का होगा एवं इस प्रश्नपत्र में 120 बहुविकल्पीय प्रश्न पूछे जाएँगे। प्रश्नपत्र के अंतर्गत 7 विषय नीचे तालिका में दिए अनुसार होंगे, जिसमें से अभ्यर्थी अपने स्नातक उपाधि के मुख्य विषय में ही परीक्षा में सम्मिलित हो सकेगा।
| क्र. | विषयवस्तु | प्रश्नों की संख्या | कुल अंक |
|---|---|---|---|
| 1 | हिन्दी भाषा | 120 प्रश्न | 120 अंक |
| 2 | अंग्रेजी भाषा | 120 प्रश्न | 120 अंक |
| 3 | संस्कृत भाषा | 120 प्रश्न | 120 अंक |
| 4 | उर्दू भाषा | 120 प्रश्न | 120 अंक |
| 5 | गणित | 120 प्रश्न | 120 अंक |
| 6 | विज्ञान | 120 प्रश्न | 120 अंक |
| 7 | सामाजिक विज्ञान | 120 प्रश्न | 120 अंक |
- विषयवस्तु का स्तर:
- प्रश्नपत्र के भाग अ में सामान्य ज्ञान व समसामयिक घटनाक्रम, तार्किक एवं आंकिक योग्यता, पेडागाजी की विषयवस्तु का स्तर हायर सेकेण्डरी स्कूल स्तर के छात्र के मानसिक स्तर के समकक्ष होगा। हिन्दी व अंग्रेजी की विषयवस्तु का स्तर हायर सेकेण्डरी स्कूल परीक्षा के समकक्ष होगा।
- प्रश्नपत्र के भाग ब की विषयवस्तु का स्तर स्नातक स्तर के समकक्ष होगा। इस प्रश्नपत्र में प्रश्न म.प्र. राज्य के कक्षा 9 एवं 10 के प्रचलित पाठ्यक्रम की विषयवस्तु पर आधारित होंगे, लेकिन इनका कठिनाई स्तर एवं संबद्धता (लिंकेज) स्नातक स्तर का होगा। प्रश्नपत्र की अवधारणा, समस्या समाधान और पेडागाजी की समझ पर आधारित होंगे।
भाग अ का पाठ्यक्रम ( माध्यमिक शिक्षक /TGT) सभी अभ्यर्थियों के लिए अनिवार्य MP TET
विस्तृत पाठ्यक्रम
| हिन्दी भाषा (Hindi Language) | 8 प्रश्न |
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भाषायी समझ अवबोध:-
भाषायी समझ/अवबोध के लिए दो अपठित दिए जाएँ जिसमें एक गद्यांश (नाटक एकांकी/घटना/निबंध/कहानी/आदि से) तथा दूसरा अपठित पद्य के रूप में हो। इस अपठित में से समझ / अवबोध, व्याख्या, व्याकरण एवं मौखिक योग्यता से संबंधित प्रश्न किए जाएं। गद्यांश साहित्यिक/वैज्ञानिक/ सामाजिक समरसता/ तात्कालिक घटनाओं पर आधारित हो सकते हैं।
| अंग्रेजी भाषा (English Language) | 5 प्रश्न |
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- Reading Comprehension
- Two short passages followed by short answer type questions.
- Vocabulary – (Level-X standard)
- One word substitution
- Opposites
- Synonyms phrases
- idioms/proverbs
- Functional Grammar : – (Level-X standard)
- Articles
- Modals
- Determiners
- Noun/ Pronoun
- Adjective/Adverb
- Narration
- Prepositions
- Tenses
- Transformation of sentences
- Voices
| सामान्य ज्ञान व समसामयिक घटनाक्रम, तार्किक एवं आंकिक योग्यता | 7 प्रश्न |
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- सामान्य ज्ञान व समसामयिक घटनाक्रम (General Knowledge & Current Affairs): समसामयिक मामले/राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय महत्व की घटनाएं, भारत का इतिहास व भारत के राष्ट्रीय आंदोलन, भारतीय व संसार का भूगोल, भारत व संसार का भौतिक, सामाजिक, आर्थिक भूगोल आदि। भारतीय राजनीति व शासन तंत्र-संविधान, … मध्यप्रदेश का आर्थिक व सामाजिक विकास।Current Affairs/events of national and international Importance, History of India and Indian National Movements… economic and social development of Madhya Pradesh.
- तार्किक एवं आंकिक योग्यता (Reasoning and Numerical Ability):
- अ. तार्किक योग्यता:- सामान्य मानसिक व विश्लेषणात्मक योग्यता, शाब्दिक/तर्कयुक्त रीजनिंग, संबंध व पदानुक्रम, एनालॉजी, दावा, सत्य कथन, कोडिंग व डिकोडिंग, स्थिति जन्य तर्क, श्रृंखला पैटर्न जिसमें शब्द और वर्ण शामिल हों।
- ब. आंकिक योग्यता:- दो एवं तीन आयामी वेन आरेख आधारित प्रश्न, संख्या पैटर्न, श्रृंखला अनुक्रम, संख्याओं संबंधी आधारभूत ज्ञान (संख्याएं और उनके संबंध, परिमाण का क्रम आदि), अंकगणितीय अभिवृत्ति, आंकड़ों की व्याख्या (आलेख, ग्राफ, तालिका, आंकड़ों की पर्याप्तता, आदि), विभिन्न संदर्भों में दिशा ज्ञान, विश्लेषण व व्याख्या।
- A) Reasoning Ability:- General Mental/ Analytical Ability, Verbal / Logical reasoning, Relations & Hierarchies, Analogies, Assertion, Truth Statements, Coding & Decoding, Situational Reasoning, Series & Patterns involving words & Alphabets.
- B) Numerical ability:- Two and Three dimensional/ Venn diagrams based questions, number patterns series sequences, basic numeracy (numbers and their relations, order of magnitude etc.), Arithmetic aptitude data interpretation (Charts, Graphs or Tables data sufficiency etc.), Direction sense, Analysis and interpretation in various contexts.
| बाल विकास एवं शिक्षा शास्त्र | 10 प्रश्न |
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- बाल विकास की अवधारणा एवं इसका अधिगम से संबंध।
- विकास और विकास को प्रभावित करने वाले कारक।
- बाल विकास के सिद्धांत।
- बालक का मानसिक स्वास्थ्य एवं व्यवहार संबंधी समस्याएं।
- वंशानुक्रम एवं वातावरण का प्रभाव।
- समाजीकरण प्रक्रियाएं: सामाजिक जगत एवं बच्चे (शिक्षक, अभिभावक, साथी)
- पियाजे, पावलव, कोहलर और थार्नडाइक: रचना एवं आलोचनात्मक स्वरूप।
- बाल केन्द्रित एवं प्रगतिशील शिक्षा की अवधारणा।
- बुद्धि की रचना का आलोचनात्मक स्वरूप और उसका मापन, बहुआयामी बुद्धि।
- व्यक्तित्व और उसका मापन।
- भाषा और विचार।
- सामाजिक निर्माण के रूप में जेंडर, जेंडर की भूमिका, लिंगभेद और शैक्षिक प्रथाएं।
- अधिगम कर्ताओं में व्यक्तिगत भिन्नताएं, भाषा, जाति, लिंग, संप्रदाय, धर्म आदि की विषमताओं पर आधारित भिन्नताओं की समझ।
- अधिगम के लिए आकलन और अधिगम का आकलन में अंतर, शाला आधारित आकलन, सतत एवं समग्र मूल्यांकन: स्वरूप और प्रथाएं (मान्यताएं)
अधिगम और शिक्षा शास्त्र (पेडागाजी)
- बच्चे कैसे सोचते और सीखते हैं, बच्चे शाला प्रदर्शन में सफलता प्राप्त करने में क्यों और कैसे असफल होते हैं।
- शिक्षण और अधिगम की मूलभूत प्रक्रियाएं, बच्चों के अधिगम की रणनीतियां, अधिगम एक सामाजिक प्रक्रिया के रूप में, अधिगम का सामाजिक संदर्भ।
- समस्या समाधानकर्ता और वैज्ञानिक- अन्वेषक के रूप में बच्चा। बच्चों में अधिगम की वैकल्पिक अवधारणाएं, बच्चों की त्रुटियों को अधिगम प्रक्रिया में सार्थक कड़ी के रूप में समझना। अधिगम को प्रभावित करने वाले कारक: अवधान और रुचि।
- संज्ञान और संवेग
- अभिप्रेरणा और अधिगम
- अधिगम में योगदान देने वाले कारक: व्यक्तिगत और पर्यावरणीय
- निर्देशन एवं परामर्श
- अभिक्षमता और उसका मापन, स्मृति और विस्मृति
समावेशित शिक्षा की अवधारणा एवं विशेष आवश्यकता वाले बच्चों की समझ
- अलाभान्वित एवं वंचित वर्गों सहित विविध पृष्ठभूमियों के अधिगमकर्ताओं की पहचान
- अधिगम कठिनाइयों, क्षति आदि से ग्रस्त बच्चों की आवश्यकताओं की पहचान।
- प्रतिभावान, सृजनात्मक, विशेष क्षमता वाले अधिगतकर्ताओं की पहचान।
- समस्याग्रस्त बालक: पहचान एवं निदानात्मक पक्ष।
- बाल अपराध: कारण एवं प्रकार
भाग ब— 120 अंक ( भाग अ 30 अंक + भाग ब 120 अंक कोई एक विषय अनिवार्य ) MP TET
| गणित (Mathematics) | 120 प्रश्न |
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(अ) विषयवस्तु (content)
- संख्या पद्धति:-
- प्राकृत संख्या, पूर्ण संख्या एवं पूर्णांक की पहचान एवं समझ, यूक्लिड विभाजन प्रमेयिका
- परिमेय संख्या की समझ एवं इन पर संक्रियाएँ, अपरिमेय संख्याए
- घातांक एवं परिमेय घातांकों के लिए घातांक के नियमों का अनुप्रयोग
- बहुपद एवं परिमेय व्यंजक
- बीजगणित:-
- बीजीय व्यंजक एवं इन पर संक्रियाएँ
- अनुपात समानुपात, ऐकिक नियम, प्रतिशत, अनुक्रमानुपाती तथा व्युत्क्रमानुपाती विचरण, चक्रवृद्धि ब्याज
- अनुपात समानुपात, किश्त, लघुगणक
- एक चर राशि का एक घातीय समीकरण
- दो चर राशियों का रैखिक समीकरण, रैखिक समीकरण को हल करने की बीजगणितीय विधि
- ज्यामिति:-
- मूल ज्यामितीय अवधारणाएँ क्षेत्रफल
- त्रिभुज के गुणधर्म, पाइथागोरस प्रमेय
- कोण
- सममिति की अवधारणा
- वृत्त
- समरूप त्रिभुज
- त्रिकोणमिति:-
- त्रिकोणमिति का परिचय एवं अनुप्रयोग
- रचनाएँ:-
- त्रिभुज की रचना, रेखाखंड का विभाजन
- चतुर्भुज की रचना
- क्षेत्रमिति:-
- आयाताकार पथ का क्षेत्रफल
- पृष्ठीय क्षेत्रफल और आयतन
- वृत्त का क्षेत्रफल, द्विघात समीकरण, समांतर श्रेणियाँ
- सांख्यिकी:-
- दंड आलेख
- आयात चित्र
- माध्य, माध्यिका, बहुलक की गणना
- आवृत्ति संचयी आवृत्ति वृत्त चित्र, आवृत्ति बहुभुज खींचना
- ब्रह्माण्ड
- मापन:- समय, ताप, लम्बाई, क्षेत्रफल, आयतन, द्रव्यमान का मापन।
- पदार्थ:- पदार्थ की अवस्थाएँ, पदार्थ के गुण, पदार्थ की पृथक्करण की विधियाँ, धातु-अधातु, अणु परमाणु, तत्व, यौगिक और मिश्रण, रासायनिक संकेत, सूत्र एवं समीकरण, अम्ल, क्षार, लवण एवं उनके गुण
- बल, गति एवं दाब
- कार्य, ऊर्जा और मशीन
- ताप एवं ऊष्मा
(ब) Pedagogical issues
- गणित शिक्षण द्वारा चिंतन एवं तर्कशक्ति का विकास
- पाठ्यक्रम में गणित का स्थान
- गणित की भाषा
- प्रभावी शिक्षण हेतु परिवेश आधारित उपयुक्त शैक्षणिक सहायक सामग्री का निर्माण एवं उसका उपयोग करने की क्षमता का विकास करना।
- मूल्यांकन की नवीन विधियों तथा निदानात्मक परीक्षण एवं पुनः शिक्षण की क्षमता का विकास।
| विज्ञान (science) | 120 प्रश्न |
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(अ) विषयवस्तु (content)
- ब्रह्माण्ड
- मापन- समय, ताप, लम्बाई, क्षेत्रफल, आयतन, द्रव्यमान का मापन
- पदार्थ- पदार्थ की अवस्थाएँ, पदार्थ के गुण, पदार्थ की पृथक्करण की विधियाँ, धातु-अधातु, अणु परमाणु, तत्व, यौगिक और मिश्रण, रासायनिक संकेत, सूत्र एवं समीकरण, अम्ल, क्षार, लवण एवं उनके गुण
- भोजन एवं स्वास्थ्य- भोजन के स्रोत, भोजन के घटक, भोज्य पदार्थों का संरक्षण, भोजन एवं स्वास्थ्य, पादप एवं प्राणियों में संरचनात्मक संगठन
- सजीव जगत- वर्गीकरण, संरचना, जैविक प्रक्रियाएँ, अनुकूलन, जैव उत्पत्ति, मानव शरीर विज्ञान, शरीर क्रियात्मकता, कोशिका, संरचना एवं कई अनुवांशिक तथा विकास
- बल, गति एवं दाब
- कार्य, ऊर्जा और मशीन
- ताप एवं ऊष्मा
- हमारे आसपास का वातावरण- भौतिक और रासायनिक परिवर्तन, carbon-अपरूप, हाइड्रोकार्बन
- प्राकृतिक घटनाएँ- प्रकाश, ध्वनि
- वस्तुएँ कैसे काम करती हैं- चुम्बक, विद्युत एवं विद्युत धारा
- प्राकृतिक संसाधन
- खाद्य उत्पादन और प्रबंधन
- पर्यावरण
(ब) Pedagogical issues
- विज्ञान के उद्देश्य
- वैज्ञानिक दृष्टिकोण का विकास करना।
- महत्वपूर्ण वैज्ञानिक तथ्यों और सिद्धांतों से अवगत कराना।
- विज्ञान संबंधी विभिन्न कौशलों का विकास करना।
- अवलोकन, प्रयोग करना, खोज।
- विज्ञान विषय संबंधी नवीनतम जानकारी प्रदान करना।
- प्रभावी शिक्षण हेतु परिवेश आधारित उपयुक्त शैक्षणिक सहायक सामग्री का निर्माण एवं उसका उपयोग करने की क्षमता का विकास करना।
- मूल्यांकन की नवीन विधियों तथा निदानात्मक परीक्षण एवं पुनः शिक्षण की क्षमता का विकास।
| सामाजिक विज्ञान (Social Science) | 120 प्रश्न |
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(अ) विषयवस्तु
- इतिहास
- इतिहास जानने के स्रोत, आदिमानव का विकास व पाषाणकाल… सामाजिक व आर्थिक जीवन पर उसका प्रभाव।
- मध्यकाल का प्रारंभ व इतिहास जानने के स्रोत… विजयनगर एवं बहमनी साम्राज्य, मराठा व सिक्ख शक्ति का उदय।
- भारत में यूरोपीय व्यापारिक कंपनियों का आगमन… स्वतंत्रता आंदोलन में म.प्र. का योगदान।
- स्वातंत्र्योत्तर भारत की प्रमुख घटनाएं- कश्मीर समस्या, 1962 का चीन युद्ध, 1965 एवं 1971 का भारत पाक युद्ध, भारत में आपातकाल, भारत का आणविक शक्ति के रूप में उदय
- नागरिक शास्त्र
- परिवार, समाज, समुदाय, राष्ट्रीय प्रतीक, स्थानीय स्वशासन (ग्रामीण व नगरीय संस्थाएं)
- भारतीय संविधान- विशेषताएं, नागरिक के मौलिक अधिकार एवं कर्त्तव्य, बाल एवं मानव अधिकार, मानव अधिकार आयोग, संघीय व्यवस्थापिका- लोकसभा, राज्य सभा, संघीय कार्यपालिका- राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति, मंत्री परिषद, सर्वोच्च व उच्च न्यायालय- गठन, शक्तियाँ, कार्य; राज्य सरकार- राज्यपाल एवं राज्य मंत्रिपरिषद; निर्वाचन आयोग- कार्य एवं शक्तियाँ, निर्वाचन की प्रक्रिया।
- प्रजातंत्र कार्यप्रणाली, प्रजातंत्र में राजनीतिक दलों का महत्व और कार्य
- प्रजातंत्र की प्रमुख चुनौतियां- निरक्षरता, सम्प्रदायवाद, क्षेत्रवाद, बेरोजगारी, आतंकवाद, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, पिछड़ा वर्ग, संवैधानिक संरक्षण, भारत की विदेश नीति व पड़ोसी देशों से संबंध, संयुक्त राष्ट्र और भारत का योगदान
- भूगोल
- सौरमंडल, अक्षांश व देशान्तर रेखाएं, ग्लोब व मानचित्र
- स्थलमंडल- पृथ्वी की गतियां, ऋतु परिवर्तन, परिवर्तनकारी बाह्य व आन्तरिक शक्तियां व उनके कार्य। मृदा संरक्षण
- वायुमंडल- वायुमंडल का संगठन, वायुदाब
- जलमंडल- लहरे, धाराएं, ज्वार-भाटा, वर्षा, प्रमुख महासागर।
- भारत- स्थिति, विस्तार, भौतिक संरचना, जलवायु, मृदा, प्राकृतिक वनस्पति, जीवजन्तु, खनिज एवं उद्योग, शक्ति संसाधन, प्रमुख फसले, परिवहन के साधन, जनसंख्या व उसका वितरण।
- समस्त महाद्वीप- अक्षांशीय व देशान्तरीय विस्तार, धरातलीय संरचना, जलवायु, प्राकृतिक वनस्पति, जीवजन्तु, खनिज एवं उद्योग, शक्ति संसाधन, प्रमुख फसले, परिवहन के साधन, प्रमुख देश। पर्यावरण प्रदूषण के कारण व उपाय, औद्योगिक अपशिष्ट व उसका प्रबंधन, आपदा प्रबंधन
- अर्थशास्त्र
- आर्थिक विकास, भारत के समक्ष आर्थिक चुनौतियाँ, आर्थिक प्रणाली एवं वैश्वीकरण, मुद्रा एवं वित्तीय प्रणाली। पंचवर्षीय योजनाएँ एवं भारत का कृषि विकास। ग्रामीण अर्थव्यवस्था, खाद्यान्न सुरक्षा, सेवा क्षेत्र, उपभोक्ता संरक्षण।
(ब) शिक्षाशास्त्रीय मुद्दे:-
- सामाजिक विज्ञान की प्रकृति एवं अवधारणा
- कक्षागत प्रक्रियाएँ, गतिविधियाँ एवं परिचर्चा।
- विवेचनात्मक चिंतन प्रक्रिया का विकास।
| मुख्य भाषा – हिन्दी (Hindi) | 120 प्रश्न |
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(अ) भाषायी समझ / अवबोध
- वाक्य बोध/ भाषा बोध:-
- विराम चिन्ह और उनका अनुप्रयोग
- वाक्य रचना, शुद्ध वाक्य रचना, वाक्य परिवर्तन, वाक्य के प्रकार (रचना, अर्थ, वाच्य के आधार पर), वाक्य बोध।
- मुहावरे, लोकोक्तियां और उनका वाक्यों में प्रयोग। बोली, विभाषा, मातृभाषा, राजभाषा, राष्ट्रभाषा
- काव्य बोध:-
- काव्य परिभाषा, काव्य भेद (प्रबंधकाव्य, मुक्तककाव्य), काव्य गुण
- शब्द शक्ति
- छंद- मात्रिक छंद, वर्णिक छंद, कुंडलिया, घनाक्षरी, मंदाक्रांता, छप्पय, कवित्त, सवैया (मत्तगयंद, दुर्मिल)
- अलंकार- यमक, श्लेष, व्याजस्तुति, व्याजनिंदा, विभावना, विशेषोक्ति, भ्रांतिमान, संदेह, विरोधाभास, अपह्नुति।
- रस परिचय, अंग, रसभेद।
- अपठित बोध:- गद्यांश/पद्यांश (शीर्षक, व्याख्या, सारांश)
- निबंध लेखन:- सामाजिक, सांस्कृतिक, समसामयिक समस्याओं, विचारात्मक, भावात्मक, ललित विषयों पर निबंध लेखन।
- पत्र लेखन:- औपचारिक, अनौपचारिक, सामयिक समस्याओं के समाधान हेतु एवं संपादक के नाम पत्र
- हिन्दी साहित्य:-
हिन्दी काव्य (पद्य) और उसका विकास- पद्य साहित्य का विकास- आदिकाल, भक्तिकाल, रीतिकाल का सामान्य परिचय सहित कवियों का साहित्यिक परिचय (रचनाएं, काव्यगत विशेषताएं, भावपक्ष, कलापक्ष)
- आधुनिक काल की प्रमुख प्रवृत्तियां- छायावाद, रहस्यवाद, प्रगतिवाद, प्रयोगवाद, नई कविता का सामान्य परिचय सहित कवियों का साहित्यिक परिचय (रचनाएं, काव्यगत विशेषताएं, भावपक्ष, कलापक्ष)
- हिन्दी गद्य और उसका विकास
- गद्य साहित्य की विविध विधाएँ (निबंध, नाटक, कहानी) और उनका सामान्य परिचय, लेखक परिचय (रचनाएं, भाषाशैली)
(ब) भाषायी विकास हेतु निर्धारित शिक्षा शास्त्र
- भाषा सीखना और ग्रहणशीलता
- भाषा शिक्षण के सिद्धांत
- भाषा शिक्षण में सुनने, बोलने की भूमिका, भाषा के कार्य, बच्चे भाषा का प्रयोग कैसे करते हैं • मौखिक और लिखित अभिव्यक्ति अंतर्गत भाषा सीखने में व्याकरण की भूमिका
- भाषा शिक्षण में विभिन्न स्तरों के बच्चों की चुनौतियाँ, कठिनाइयां, त्रुटियां एवं क्रमबद्धता
- भाषा के चारों कौशल (सुनना, बोलना, पढ़ना, लिखना) का मूल्यांकन
- कक्षा में शिक्षण अधिगम सामग्री: पाठ्यपुस्तक, दूरसंचार (दृश्य एवं श्रव्य सामग्री), बहुकक्षा स्रोत, पुनः शिक्षण
| मुख्य भाषा अंग्रेजी Main Language English | 120 Questions |
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A) Understanding of Language (भाषा की समझ)
- Reading Comprehension (अपठित बोध):
- दो पद्यांश/गद्यांश (200 शब्द), पद्य (15 पंक्तियाँ), तालिका/आरेख आधारित प्रश्न।
- Vocabulary (शब्दकोश):
- वाक्यांश के लिए एक शब्द, विलोम, पर्यायवाची, वाक्यांश, मुहावरे/लोकोक्तियाँ, शब्द रचना।
- Functional Grammar (क्रियात्मक व्याकरण):
- Tenses, Modals, Determiners, Articles, Voices, Narration, Prepositions, Clauses, Transformation of sentences।
- Writing (लेखन):
- रिपोर्ट, विज्ञापन, नोटिस, पोस्टर डिजाइनिंग (40-50 शब्द)।
- निबंध (Essay)।
- व्यावसायिक/औपचारिक/अनौपचारिक पत्र, नौकरी के लिए आवेदन।
| मुख्य भाषा संस्कृत (Sanskrit) | 120 प्रश्न |
|---|---|
| (अ) भाषायी समझ / अवबोध |
- व्याकरण
(क) शब्द रूप- राम, कवि, भानु, लता, पितृ, नदी, वधू, मातृ, फल, वारि, आत्मन्। सर्व, तद, एतद यत् इदम् अस्मद् यूष्मदा
(ख) धातु रूप- लट्, लृ, लोट्, लङ्., एवं विधिलिङ्. (पांच लकार)
(क) परस्मैपद (ख) आत्मनेपद
(ग) सन्धि, समास, प्रत्यय और अव्यय
- सन्धि: सन्धि और उसके प्रकार (स्वर सन्धि, व्यंजन सन्धि, विसर्ग सन्धि एवं उनके भेद), सन्धि विच्छेद एवं सन्धि युक्त पद बनाना।
- समास: समास की परिभाषा, भेद, समास विग्रह, सामासिक पद।
- प्रत्यय:
- कृत प्रत्यय— (क्त्वा, ल्यप, तुमुन्, क्त, क्तवतु, शतृ, शानच, तव्यत्, अनीयर)।
- तद्धित प्रत्यय— अण, ढक्, मतुप्, इत, तल्, ठक्।
- स्त्री प्रत्यय— टाप्, ङीप्।
- अव्यय: पुनः, अपि, पुरा, अधुना, ह्यः, श्वः, अद्य, कुत्र, यत्र, तत्र, सर्वत्र, यदा, कदा, सर्वदा, उपरि, यथा, तथा आदि।
संस्कृत लेखन एवं साहित्य परिचय
- संस्कृत निबंध लेखन एवं अनौपचारिक पत्र एवं प्रार्थना पत्र लेखन।
- वेद, वेदांग, पुराण, उपनिषद् का सामान्य परिचय।
- रामायण एवं महाभारत का सामान्य परिचय।
- संस्कृत के प्रतिनिधि काव्यों का परिचय (भास, कालिदास, शूद्रक एवं भवभूति की कृतियों का परिचयात्मक ज्ञान)।
- कारक एवं विभक्तियों का सामान्य परिचय।
- हिन्दी वाक्यों का संस्कृत में अनुवाद करना।
- संस्कृत अपठित गद्य एवं अपठित पद्य का हिन्दी अनुवाद एवं पाठ्यांश पर आधारित विविध प्रकार के प्रश्न (एक वाक्य में उत्तर, पूर्ण वाक्य में उत्तर, विशेषण-विशेष्य, अन्विति/पर्याय/विलोम शब्द)।
(ब) भाषायी विकास हेतु निर्धारित शिक्षाशास्त्र
- भाषा सीखना और ग्रहणशीलता।
- भाषा शिक्षण के सिद्धान्त।
- भाषा शिक्षण में सुनने, बोलने की भूमिका, भाषा के कार्य, बच्चे भाषा का प्रयोग कैसे करते हैं।
- मौखिक और लिखित अभिव्यक्ति अन्तर्गत भाषा सीखने में व्याकरण की भूमिका।
- भाषा शिक्षण में विभिन्न स्तरों के बच्चों की चुनौतियाँ, कठिनाइयां, त्रुटियां एवं क्रमबद्धता।
- भाषा के चारों कौशल (सुनना, बोलना, पढ़ना, लिखना) का मूल्यांकन।
- कक्षा में शिक्षण अधिगम सामग्री: पाठ्यपुस्तक, दूरसंचार (दृश्य एवं श्रव्य) सामग्री, बहुकक्षा स्रोत।
- मूल्यांकन, निदानात्मक परीक्षण एवं उपचारात्मक शिक्षण।
| मुख्य भाषा उर्दू (Urdu) | 120 प्रश्न |
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1. भाषायी समझ
- गद्य (नसर) की विधाएं: मकतूब निगारी, दास्तान, अदबी तारीख, मुख्तसर अफसाने, रिपोर्ताज, इन्शाईया, तन्जो – मजाह, सफर नामा, खाका।
- मुआवन मुताला: यादें, आपबीती, मजमून, कहावतें।
2. पद्य (नज्म)
- गजलें, मसनवी, कसीदा, मरसिया, नज्में, रुबाई, तवील नज्में (अली सरदार जाफरी की ‘वक्त का तराना’)।
3. व्याकरण (कवायद)
- हर्फ शमसी, हर्फ कमरी, हरकात व सकनात, रमूज औकाफ, साबके लाहके, सिफत, तजाद, तजाहुल-ए-आरिफाना, हर्फ-ए-अतफ, मजाज मुर्सल, कहावतें, मुहावरे (वाक्य में प्रयोग), तजनीस (ताम, जायद नाकिस), कनाया, लफ व नशर।
- इस्म, जमीर, जमीर की किस्में, फेअल, फेअल की अकसाम, जिन्स, जुमला, सिफत, तजाद, साबिका, लाहेका, वाहिद जमा, मुजक्कर, मोअन्नस, मुहावरे, ब लाज़िम मुतअददी, मारूफ मजहूल।
- गजल, कतआ, रुबाई, मसनवी, नज्म, तशबीह, तल इस्तआरा, सनअते तजाद, मतला, मक्ता, रदीफ, काफिया वगैरह।
4. निबंध, पत्र एवं अपठित
- निबंध लेखन (मजमून)।
- पत्र / प्रार्थना पत्र (खत व दरख्वास्त)।
- गैर दरसी इक्तिबास (अपठित) की तशरीह व उस पर आधारित प्रश्न।
- उर्दू साहित्य का इतिहास (गद्य व पद्य का विकास)।
5. भाषायी विकास हेतु निर्धारित शिक्षाशास्त्र व पढ़ाने के तरीकों पर प्रश्न
- उर्दू शिक्षण की आवश्यकता व उद्देश्य।
- अच्छे उर्दू शिक्षक की विशेषताएं।
- भाषा शिक्षण के सिद्धांत।
- तरीका-ए-तदरीस, नस्र व नज्म की विभिन्न विधाओं का (असनाफ) शिक्षण।
- उर्दू सीखना और समझना (सुनना, बोलना, पढ़ना, लिखना चारों महारतें)।
- उर्दू भाषा की चारों महारतों का मूल्यांकन।
- भाषा शिक्षण में सुनने और बोलने की अहमियत, बच्चों के ज़रिए उर्दू भाषा का प्रयोग।
- ज़बानी और तहरीरी (लेखन) में कवायद का इस्तेमाल।
- क्लासरूम में तालीमी इस्तेदाद वाले बच्चों को जबान सिखाने में आने वाली मुश्किलात दूर करके गलतियों को चुनौती की तरह लेकर पढ़ना सिखाना।
- क्लास में किताब, अमदादी अशिया, मल्टीमीडिया मटेरियल, समई-बसरी आलात व विभिन्न स्तर व कक्षा के बच्चों को पढ़ाना।
- खुसूसी तदरीस (विशेष पुनः शिक्षण)।
- दरख्वास्त और खुतूत नवीसी, मजमून नवीसी।

