मध्य प्रदेश माध्यमिक शिक्षक (TGT) पात्रता परीक्षा (MP TET) की योजना एवं विषयवार पाठ्यक्रम

MP TET

विस्तृत पाठ्यक्रम

सामान्य ज्ञान व समसामयिक घटनाक्रम, तार्किक एवं आंकिक योग्यता7 प्रश्न

अधिगम और शिक्षा शास्त्र (पेडागाजी)

  • अधिगम कठिनाइयों, क्षति आदि से ग्रस्त बच्चों की आवश्यकताओं की पहचान।
  • प्रतिभावान, सृजनात्मक, विशेष क्षमता वाले अधिगतकर्ताओं की पहचान।
  • समस्याग्रस्त बालक: पहचान एवं निदानात्मक पक्ष।
  • बाल अपराध: कारण एवं प्रकार
भाग ब— 120 अंक ( भाग अ 30 अंक + भाग ब 120 अंक कोई एक विषय अनिवार्य ) MP TET

(अ) विषयवस्तु (content)


  1. सांख्यिकी:-
    • दंड आलेख
    • आयात चित्र
    • माध्य, माध्यिका, बहुलक की गणना
    • आवृत्ति संचयी आवृत्ति वृत्त चित्र, आवृत्ति बहुभुज खींचना
  2. ब्रह्माण्ड
  3. मापन:- समय, ताप, लम्बाई, क्षेत्रफल, आयतन, द्रव्यमान का मापन।
  4. पदार्थ:- पदार्थ की अवस्थाएँ, पदार्थ के गुण, पदार्थ की पृथक्करण की विधियाँ, धातु-अधातु, अणु परमाणु, तत्व, यौगिक और मिश्रण, रासायनिक संकेत, सूत्र एवं समीकरण, अम्ल, क्षार, लवण एवं उनके गुण
  5. बल, गति एवं दाब
  6. कार्य, ऊर्जा और मशीन
  7. ताप एवं ऊष्मा

(ब) Pedagogical issues

  • गणित शिक्षण द्वारा चिंतन एवं तर्कशक्ति का विकास
  • पाठ्यक्रम में गणित का स्थान
  • गणित की भाषा
  • प्रभावी शिक्षण हेतु परिवेश आधारित उपयुक्त शैक्षणिक सहायक सामग्री का निर्माण एवं उसका उपयोग करने की क्षमता का विकास करना।
  • मूल्यांकन की नवीन विधियों तथा निदानात्मक परीक्षण एवं पुनः शिक्षण की क्षमता का विकास।

(अ) विषयवस्तु (content)

  1. ब्रह्माण्ड
  2. मापन- समय, ताप, लम्बाई, क्षेत्रफल, आयतन, द्रव्यमान का मापन
  3. पदार्थ- पदार्थ की अवस्थाएँ, पदार्थ के गुण, पदार्थ की पृथक्करण की विधियाँ, धातु-अधातु, अणु परमाणु, तत्व, यौगिक और मिश्रण, रासायनिक संकेत, सूत्र एवं समीकरण, अम्ल, क्षार, लवण एवं उनके गुण
  4. भोजन एवं स्वास्थ्य- भोजन के स्रोत, भोजन के घटक, भोज्य पदार्थों का संरक्षण, भोजन एवं स्वास्थ्य, पादप एवं प्राणियों में संरचनात्मक संगठन
  5. सजीव जगत- वर्गीकरण, संरचना, जैविक प्रक्रियाएँ, अनुकूलन, जैव उत्पत्ति, मानव शरीर विज्ञान, शरीर क्रियात्मकता, कोशिका, संरचना एवं कई अनुवांशिक तथा विकास

  1. बल, गति एवं दाब
  2. कार्य, ऊर्जा और मशीन
  3. ताप एवं ऊष्मा
  4. हमारे आसपास का वातावरण- भौतिक और रासायनिक परिवर्तन, carbon-अपरूप, हाइड्रोकार्बन
  5. प्राकृतिक घटनाएँ- प्रकाश, ध्वनि
  6. वस्तुएँ कैसे काम करती हैं- चुम्बक, विद्युत एवं विद्युत धारा
  7. प्राकृतिक संसाधन
  8. खाद्य उत्पादन और प्रबंधन
  9. पर्यावरण

(ब) Pedagogical issues

  • विज्ञान के उद्देश्य
  • वैज्ञानिक दृष्टिकोण का विकास करना।
  • महत्वपूर्ण वैज्ञानिक तथ्यों और सिद्धांतों से अवगत कराना।
  • विज्ञान संबंधी विभिन्न कौशलों का विकास करना।
  • अवलोकन, प्रयोग करना, खोज।
  • विज्ञान विषय संबंधी नवीनतम जानकारी प्रदान करना।
  • प्रभावी शिक्षण हेतु परिवेश आधारित उपयुक्त शैक्षणिक सहायक सामग्री का निर्माण एवं उसका उपयोग करने की क्षमता का विकास करना।
  • मूल्यांकन की नवीन विधियों तथा निदानात्मक परीक्षण एवं पुनः शिक्षण की क्षमता का विकास।
सामाजिक विज्ञान (Social Science)120 प्रश्न

(अ) विषयवस्तु

  • इतिहास
    • इतिहास जानने के स्रोत, आदिमानव का विकास व पाषाणकाल… सामाजिक व आर्थिक जीवन पर उसका प्रभाव।
    • मध्यकाल का प्रारंभ व इतिहास जानने के स्रोत… विजयनगर एवं बहमनी साम्राज्य, मराठा व सिक्ख शक्ति का उदय।
    • भारत में यूरोपीय व्यापारिक कंपनियों का आगमन… स्वतंत्रता आंदोलन में म.प्र. का योगदान।
    • स्वातंत्र्योत्तर भारत की प्रमुख घटनाएं- कश्मीर समस्या, 1962 का चीन युद्ध, 1965 एवं 1971 का भारत पाक युद्ध, भारत में आपातकाल, भारत का आणविक शक्ति के रूप में उदय
  • नागरिक शास्त्र
    • परिवार, समाज, समुदाय, राष्ट्रीय प्रतीक, स्थानीय स्वशासन (ग्रामीण व नगरीय संस्थाएं)
    • भारतीय संविधान- विशेषताएं, नागरिक के मौलिक अधिकार एवं कर्त्तव्य, बाल एवं मानव अधिकार, मानव अधिकार आयोग, संघीय व्यवस्थापिका- लोकसभा, राज्य सभा, संघीय कार्यपालिका- राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति, मंत्री परिषद, सर्वोच्च व उच्च न्यायालय- गठन, शक्तियाँ, कार्य; राज्य सरकार- राज्यपाल एवं राज्य मंत्रिपरिषद; निर्वाचन आयोग- कार्य एवं शक्तियाँ, निर्वाचन की प्रक्रिया।
    • प्रजातंत्र कार्यप्रणाली, प्रजातंत्र में राजनीतिक दलों का महत्व और कार्य
    • प्रजातंत्र की प्रमुख चुनौतियां- निरक्षरता, सम्प्रदायवाद, क्षेत्रवाद, बेरोजगारी, आतंकवाद, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, पिछड़ा वर्ग, संवैधानिक संरक्षण, भारत की विदेश नीति व पड़ोसी देशों से संबंध, संयुक्त राष्ट्र और भारत का योगदान
  • भूगोल
    • सौरमंडल, अक्षांश व देशान्तर रेखाएं, ग्लोब व मानचित्र
    • स्थलमंडल- पृथ्वी की गतियां, ऋतु परिवर्तन, परिवर्तनकारी बाह्य व आन्तरिक शक्तियां व उनके कार्य। मृदा संरक्षण
    • वायुमंडल- वायुमंडल का संगठन, वायुदाब

  • जलमंडल- लहरे, धाराएं, ज्वार-भाटा, वर्षा, प्रमुख महासागर।
  • भारत- स्थिति, विस्तार, भौतिक संरचना, जलवायु, मृदा, प्राकृतिक वनस्पति, जीवजन्तु, खनिज एवं उद्योग, शक्ति संसाधन, प्रमुख फसले, परिवहन के साधन, जनसंख्या व उसका वितरण।
  • समस्त महाद्वीप- अक्षांशीय व देशान्तरीय विस्तार, धरातलीय संरचना, जलवायु, प्राकृतिक वनस्पति, जीवजन्तु, खनिज एवं उद्योग, शक्ति संसाधन, प्रमुख फसले, परिवहन के साधन, प्रमुख देश। पर्यावरण प्रदूषण के कारण व उपाय, औद्योगिक अपशिष्ट व उसका प्रबंधन, आपदा प्रबंधन
  • अर्थशास्त्र
    • आर्थिक विकास, भारत के समक्ष आर्थिक चुनौतियाँ, आर्थिक प्रणाली एवं वैश्वीकरण, मुद्रा एवं वित्तीय प्रणाली। पंचवर्षीय योजनाएँ एवं भारत का कृषि विकास। ग्रामीण अर्थव्यवस्था, खाद्यान्न सुरक्षा, सेवा क्षेत्र, उपभोक्ता संरक्षण।

(ब) शिक्षाशास्त्रीय मुद्दे:-

  • सामाजिक विज्ञान की प्रकृति एवं अवधारणा
  • कक्षागत प्रक्रियाएँ, गतिविधियाँ एवं परिचर्चा।
  • विवेचनात्मक चिंतन प्रक्रिया का विकास।
मुख्य भाषा – हिन्दी (Hindi)120 प्रश्न

(अ) भाषायी समझ / अवबोध

  1. वाक्य बोध/ भाषा बोध:-
    • विराम चिन्ह और उनका अनुप्रयोग
    • वाक्य रचना, शुद्ध वाक्य रचना, वाक्य परिवर्तन, वाक्य के प्रकार (रचना, अर्थ, वाच्य के आधार पर), वाक्य बोध।
    • मुहावरे, लोकोक्तियां और उनका वाक्यों में प्रयोग। बोली, विभाषा, मातृभाषा, राजभाषा, राष्ट्रभाषा
  2. काव्य बोध:-
    • काव्य परिभाषा, काव्य भेद (प्रबंधकाव्य, मुक्तककाव्य), काव्य गुण
    • शब्द शक्ति
    • छंद- मात्रिक छंद, वर्णिक छंद, कुंडलिया, घनाक्षरी, मंदाक्रांता, छप्पय, कवित्त, सवैया (मत्तगयंद, दुर्मिल)
    • अलंकार- यमक, श्लेष, व्याजस्तुति, व्याजनिंदा, विभावना, विशेषोक्ति, भ्रांतिमान, संदेह, विरोधाभास, अपह्नुति।
    • रस परिचय, अंग, रसभेद।
  3. अपठित बोध:- गद्यांश/पद्यांश (शीर्षक, व्याख्या, सारांश)
  4. निबंध लेखन:- सामाजिक, सांस्कृतिक, समसामयिक समस्याओं, विचारात्मक, भावात्मक, ललित विषयों पर निबंध लेखन।
  5. पत्र लेखन:- औपचारिक, अनौपचारिक, सामयिक समस्याओं के समाधान हेतु एवं संपादक के नाम पत्र
  6. हिन्दी साहित्य:-
    हिन्दी काव्य (पद्य) और उसका विकास
    • पद्य साहित्य का विकास- आदिकाल, भक्तिकाल, रीतिकाल का सामान्य परिचय सहित कवियों का साहित्यिक परिचय (रचनाएं, काव्यगत विशेषताएं, भावपक्ष, कलापक्ष)
    • आधुनिक काल की प्रमुख प्रवृत्तियां- छायावाद, रहस्यवाद, प्रगतिवाद, प्रयोगवाद, नई कविता का सामान्य परिचय सहित कवियों का साहित्यिक परिचय (रचनाएं, काव्यगत विशेषताएं, भावपक्ष, कलापक्ष)
  7. हिन्दी गद्य और उसका विकास
    • गद्य साहित्य की विविध विधाएँ (निबंध, नाटक, कहानी) और उनका सामान्य परिचय, लेखक परिचय (रचनाएं, भाषाशैली)

(ब) भाषायी विकास हेतु निर्धारित शिक्षा शास्त्र

  • भाषा सीखना और ग्रहणशीलता
  • भाषा शिक्षण के सिद्धांत
  • भाषा शिक्षण में सुनने, बोलने की भूमिका, भाषा के कार्य, बच्चे भाषा का प्रयोग कैसे करते हैं • मौखिक और लिखित अभिव्यक्ति अंतर्गत भाषा सीखने में व्याकरण की भूमिका
  • भाषा शिक्षण में विभिन्न स्तरों के बच्चों की चुनौतियाँ, कठिनाइयां, त्रुटियां एवं क्रमबद्धता
  • भाषा के चारों कौशल (सुनना, बोलना, पढ़ना, लिखना) का मूल्यांकन
  • कक्षा में शिक्षण अधिगम सामग्री: पाठ्यपुस्तक, दूरसंचार (दृश्य एवं श्रव्य सामग्री), बहुकक्षा स्रोत, पुनः शिक्षण

मुख्य भाषा अंग्रेजी Main Language English120 Questions

A) Understanding of Language (भाषा की समझ)

  1. Reading Comprehension (अपठित बोध):
    • दो पद्यांश/गद्यांश (200 शब्द), पद्य (15 पंक्तियाँ), तालिका/आरेख आधारित प्रश्न।
  2. Vocabulary (शब्दकोश):
    • वाक्यांश के लिए एक शब्द, विलोम, पर्यायवाची, वाक्यांश, मुहावरे/लोकोक्तियाँ, शब्द रचना।
  3. Functional Grammar (क्रियात्मक व्याकरण):
    • Tenses, Modals, Determiners, Articles, Voices, Narration, Prepositions, Clauses, Transformation of sentences।
  4. Writing (लेखन):
    • रिपोर्ट, विज्ञापन, नोटिस, पोस्टर डिजाइनिंग (40-50 शब्द)।
    • निबंध (Essay)।
    • व्यावसायिक/औपचारिक/अनौपचारिक पत्र, नौकरी के लिए आवेदन।

  1. व्याकरण
    (क) शब्द रूप- राम, कवि, भानु, लता, पितृ, नदी, वधू, मातृ, फल, वारि, आत्मन्। सर्व, तद, एतद यत् इदम् अस्मद् यूष्मदा
    (ख) धातु रूप- लट्, लृ, लोट्, लङ्., एवं विधिलिङ्. (पांच लकार)
    (क) परस्मैपद (ख) आत्मनेपद

(ग) सन्धि, समास, प्रत्यय और अव्यय

  • सन्धि: सन्धि और उसके प्रकार (स्वर सन्धि, व्यंजन सन्धि, विसर्ग सन्धि एवं उनके भेद), सन्धि विच्छेद एवं सन्धि युक्त पद बनाना।
  • समास: समास की परिभाषा, भेद, समास विग्रह, सामासिक पद।
  • प्रत्यय:
    • कृत प्रत्यय— (क्त्वा, ल्यप, तुमुन्, क्त, क्तवतु, शतृ, शानच, तव्यत्, अनीयर)।
    • तद्धित प्रत्यय— अण, ढक्, मतुप्, इत, तल्, ठक्।
    • स्त्री प्रत्यय— टाप्, ङीप्।
  • अव्यय: पुनः, अपि, पुरा, अधुना, ह्यः, श्वः, अद्य, कुत्र, यत्र, तत्र, सर्वत्र, यदा, कदा, सर्वदा, उपरि, यथा, तथा आदि।

संस्कृत लेखन एवं साहित्य परिचय

  • संस्कृत निबंध लेखन एवं अनौपचारिक पत्र एवं प्रार्थना पत्र लेखन।
  • वेद, वेदांग, पुराण, उपनिषद् का सामान्य परिचय।
  • रामायण एवं महाभारत का सामान्य परिचय।
  • संस्कृत के प्रतिनिधि काव्यों का परिचय (भास, कालिदास, शूद्रक एवं भवभूति की कृतियों का परिचयात्मक ज्ञान)।
  • कारक एवं विभक्तियों का सामान्य परिचय।
  • हिन्दी वाक्यों का संस्कृत में अनुवाद करना।
  • संस्कृत अपठित गद्य एवं अपठित पद्य का हिन्दी अनुवाद एवं पाठ्यांश पर आधारित विविध प्रकार के प्रश्न (एक वाक्य में उत्तर, पूर्ण वाक्य में उत्तर, विशेषण-विशेष्य, अन्विति/पर्याय/विलोम शब्द)।

(ब) भाषायी विकास हेतु निर्धारित शिक्षाशास्त्र

  • भाषा सीखना और ग्रहणशीलता।
  • भाषा शिक्षण के सिद्धान्त।
  • भाषा शिक्षण में सुनने, बोलने की भूमिका, भाषा के कार्य, बच्चे भाषा का प्रयोग कैसे करते हैं।
  • मौखिक और लिखित अभिव्यक्ति अन्तर्गत भाषा सीखने में व्याकरण की भूमिका।
  • भाषा शिक्षण में विभिन्न स्तरों के बच्चों की चुनौतियाँ, कठिनाइयां, त्रुटियां एवं क्रमबद्धता।
  • भाषा के चारों कौशल (सुनना, बोलना, पढ़ना, लिखना) का मूल्यांकन।
  • कक्षा में शिक्षण अधिगम सामग्री: पाठ्यपुस्तक, दूरसंचार (दृश्य एवं श्रव्य) सामग्री, बहुकक्षा स्रोत।
  • मूल्यांकन, निदानात्मक परीक्षण एवं उपचारात्मक शिक्षण।

मुख्य भाषा उर्दू (Urdu)120 प्रश्न

1. भाषायी समझ

  • गद्य (नसर) की विधाएं: मकतूब निगारी, दास्तान, अदबी तारीख, मुख्तसर अफसाने, रिपोर्ताज, इन्शाईया, तन्जो – मजाह, सफर नामा, खाका।
  • मुआवन मुताला: यादें, आपबीती, मजमून, कहावतें।

2. पद्य (नज्म)

  • गजलें, मसनवी, कसीदा, मरसिया, नज्में, रुबाई, तवील नज्में (अली सरदार जाफरी की ‘वक्त का तराना’)।

3. व्याकरण (कवायद)

  • हर्फ शमसी, हर्फ कमरी, हरकात व सकनात, रमूज औकाफ, साबके लाहके, सिफत, तजाद, तजाहुल-ए-आरिफाना, हर्फ-ए-अतफ, मजाज मुर्सल, कहावतें, मुहावरे (वाक्य में प्रयोग), तजनीस (ताम, जायद नाकिस), कनाया, लफ व नशर।
  • इस्म, जमीर, जमीर की किस्में, फेअल, फेअल की अकसाम, जिन्स, जुमला, सिफत, तजाद, साबिका, लाहेका, वाहिद जमा, मुजक्कर, मोअन्नस, मुहावरे, ब लाज़िम मुतअददी, मारूफ मजहूल।
  • गजल, कतआ, रुबाई, मसनवी, नज्म, तशबीह, तल इस्तआरा, सनअते तजाद, मतला, मक्ता, रदीफ, काफिया वगैरह।

4. निबंध, पत्र एवं अपठित

  • निबंध लेखन (मजमून)।
  • पत्र / प्रार्थना पत्र (खत व दरख्वास्त)।
  • गैर दरसी इक्तिबास (अपठित) की तशरीह व उस पर आधारित प्रश्न।
  • उर्दू साहित्य का इतिहास (गद्य व पद्य का विकास)।

5. भाषायी विकास हेतु निर्धारित शिक्षाशास्त्र व पढ़ाने के तरीकों पर प्रश्न

  • उर्दू शिक्षण की आवश्यकता व उद्देश्य।
  • अच्छे उर्दू शिक्षक की विशेषताएं।
  • भाषा शिक्षण के सिद्धांत।
  • तरीका-ए-तदरीस, नस्र व नज्म की विभिन्न विधाओं का (असनाफ) शिक्षण।
  • उर्दू सीखना और समझना (सुनना, बोलना, पढ़ना, लिखना चारों महारतें)।
  • उर्दू भाषा की चारों महारतों का मूल्यांकन।
  • भाषा शिक्षण में सुनने और बोलने की अहमियत, बच्चों के ज़रिए उर्दू भाषा का प्रयोग।
  • ज़बानी और तहरीरी (लेखन) में कवायद का इस्तेमाल।
  • क्लासरूम में तालीमी इस्तेदाद वाले बच्चों को जबान सिखाने में आने वाली मुश्किलात दूर करके गलतियों को चुनौती की तरह लेकर पढ़ना सिखाना।
  • क्लास में किताब, अमदादी अशिया, मल्टीमीडिया मटेरियल, समई-बसरी आलात व विभिन्न स्तर व कक्षा के बच्चों को पढ़ाना।
  • खुसूसी तदरीस (विशेष पुनः शिक्षण)।
  • दरख्वास्त और खुतूत नवीसी, मजमून नवीसी।
error: Content is protected !!
Scroll to Top